(आठ दिसंबर १९९२ ,अमर उजाला आगरा,फोटो फैक्स का है इंटरनेट नहीं था )
मेरे तीस साल के पत्रकारिता जीवन में यों तो अब तक कई ऐसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम कवर करने का अवसर मिला जिन्होंने मुझे पहचान दी, मगर दिसंबर १९९२ अयोध्या आंदोलन की कवरेज मेरे पत्रकारिता जीवन की सबसे बड़ी घटना रही ,इस ऐतिहासिक और समूचे विश्व को हिला देने वाली घटना का मैं प्रत्यक्ष साक्षी रहा हूँ,
अमरउजाला ने मुझे इस घटना कवरेज के लिए चुना था, इसके लिए मैं श्री अशोक अग्रवाल जी और स्व. अतुल माहेश्वरी जी का ऋणी हूँ ।
आज के अखबारों में और सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह से छह दिसंबर को परिभाषित किया गया है मगर छह दिसंबर १९९२ से पहले और बाद में अयोध्या कैसी थी और वहाँ क्या हो रहा था कैसा माहौल था आज की पीढ़ी को भी यह जाने कि उत्सुकता होगी ,यही सोच कर आज जब अपनी कुछ पुरानी कटिंग्स देख रहा था तभी सोचा कि क्यूँ न इन ऐतिहासिक दस्तावेजों को आप सब से शेयर किया जाए ,य और ही सोचकर इन कटिंग्स को अपने ब्लॉग पर दाल रहा हूँ,आप सब ध्यानकर्षण चाहूंगा।
आज सात दिसम्बर की कवरेज की कटिंग के साथ ही आपको मेरे ब्लॉग पर रोजाना दिसंबर १९९२ कि कुछ रोचक और महत्त्व पूर्ण कवरेज जो अमरजाला में तब छपी ,पढ़ने को मिलेगी !