शनिवार, 28 दिसंबर 2013

भैया झाड़ू मारो !

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष श्री मुलायम सिंह यादव के साथ श्री अशोक शर्मा  

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के दिनों में, 1977 में श्री अशोक कुमार शर्मा द्वारा लिखी गयी यह कविता उस समय छात्रों में अति लोकप्रिय हुई  कविता क्या आज भी सार्थक है? वर्त्तमान में श्री शर्मा उत्तर प्रदश सरकार में सूचना विभाग में वरिष्ठ अधिकारी है और लखनाऊ में तैनात हैं। श्री शर्मा बहुमुखी प्रतिभा के धनी और अपने चित्ताकर्षक व्यक्तित्व से एक पल की भी मुलाक़ात को अविस्मरणीय बना देने वाले हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष श्री मुलायम सिंह यादव के साथ श्री अशोक शर्मा  





भैया झाड़ू मारो 


गंद बहुत है मुल्क में, भैया झाड़ू मारो 


सड़कों पर, दफ्तर में, भैया झाड़ू मारो 

स्कूलों में गंद बहुत, टूशन कोचिंग की 

टीचर चीटर हो गये, भैया झाड़ू मारो 

आरक्षण की भेंट चढ़ा, शासन-परशासन 

प्रतिभा दो कौड़ी की, भैया झाड़ू मारो 

अब इलाज की फीस, हुई महंगी जीवन से 

चौपट हुई व्यवस्था, भैया झाड़ू मारो 

महंगाई ने मारा, कोई बच नहीं पाया 

सबने हमको खाया, भैया झाड़ू मारो 

जात-पांत, अदला-बदली, नोटों की गड्डी

धंधा हुई सियासत, भैया झाड़ू मारो 

जाने कैसे मुल्क, बना दहशत का अड्डा 

घर में घुस गए दुश्मन, भैया झाड़ू मारो 

ये जायेंगें, वो आयेंगें, बारीबारी ये खायेंगें 

क्यों देते इनको मौका, भैया झाड़ू मारो 

हिन्दू-मुस्लिम वोट बैंक में बांटा हमको 

ऐसे कमबख्तों पे, भैया झाडू मारो 

                          -अंकुश