रविवार, 8 दिसंबर 2013

सिर्फ कांग्रेस के राज के खात्मे की बात कही


दिल्ली मध्यप्रदेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनाव परिणाम केवल भारतीय जनता पार्टी की जीत भर नहीं है।  नरेंद्र मोदी का करिश्मा मात्र है । मोदी तो मात्र उम्मीद कि वह किरण बनकर उभरे हैं जिसकी शायद इस देश को लम्बे समय से प्रतीक्षा थी । मेरे विचार से यह देश में कोई पहला चुनाव है जो सिर्फ और सिर्फ कांगेस के खिलाफ हुआ है। इस चुनाव में सिर्फ और सिर्फ देश से कांग्रेस के सफाये की बात कही थी और जनता ने उसको स्वीकार कर लिया है ।इन चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में आरक्षण तुष्टिकरण,अयोध्या साम्प्रदायिकता महंगाई जैसे तमाम मुद्दे एक तरफ थे और दिल्ली में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीयजनता पार्टी की सरकार बने सिर्फ यही एक मुद्दा था और इस पर जनमत आ चूका है,विशलेषण करने वाले और किसी भी तरह से अपने तर्क देने वाले कुछ भी कहें मगर नयी पीढ़ी के भारत ने नरेंद्र मोदी को न केवल स्वीकार कर लिया है बल्कि उसके मन में जो संकल्प है उसका संकेत भी उसने दे दिया है  इन चार राज्यों कि जनता ने देश को संकेत दे दिया है,भारतीय जनता पार्टी को भी और नरेंद्र मोदी को ,अब भारतीय जनता पार्टी के पास से उसके नेताओं के शब्द कोष से एक जुमला गयाब होने वाला है --यह कि ६० सालों से देश पर राज कर रही कांग्रेस। 

……अब कांगेस के राज का सही मायने में खात्मा होने वाला है । बात सिर्फ इतनी सी नहीं है कि इसी व्यवस्था में भाजपा राज करे ,जरुरत इस बात की है कि भाजपा  को व्यवस्था बदलने के अपने आह्वान को अब साकार रूप देना होगा और अपने इरादे जताने होंगे तभी २०१४ की  दिल्ली दिखाई देगी,अब भाषणों और नारो और वायदों काम नहीं चलने वाला । यह भी कम बड़ी बात नहीं है कि नरेंद्र मोदी ने इन चारों राज्यों के चुनाव प्रचार के दौरान जनता से कोई ख़ास वादा नहीं किया सिर्फ व्यवस्था परिवर्तन और कांग्रेस के राज के खात्मे की बात कही है।